Who is IPS Joginder Kumar: प्रयागराज माघ मेले में मौनी अमावस्या के दिन शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को संगम नोज जाने से रोके जाने का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है. इस घटना के बाद संत समाज और प्रशासन आमने-सामने आ गया है. शंकराचार्य अपने शिविर के बाहर धरने पर बैठे हैं और प्रशासनिक अधिकारियों से माफी की मांग पर अड़े हुए हैं.

कैसे शुरू हुआ विवाद?
मौनी अमावस्या के दिन शंकराचार्य के शिष्य संगम नोज की ओर जा रहे थे. इसी दौरान रास्ते में पुलिस अधिकारियों से उनकी बहस हो गई. बात बढ़ते-बढ़ते धक्का-मुक्की और मारपीट तक पहुंच गई. हालात बिगड़ते देख शंकराचार्य ने संगम स्नान का कार्यक्रम रद्द कर दिया और पालकी को वापस शिविर की ओर मोड़ दिया
कौन हैं पुलिस कमिश्नर जोगिंदर कुमार?
जोगिंदर कुमार 2007 बैच के भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अधिकारी हैं. वे मूल रूप से राजस्थान के बाड़मेर जिले के रहने वाले हैं. उन्होंने राजनीति विज्ञान में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है. आईपीएस बनने के बाद उन्होंने उत्तर प्रदेश के कई संवेदनशील जिलों में अहम जिम्मेदारियां निभाई हैं.
शुरुआती पोस्टिंग से लेकर जिला कप्तान तक
प्रशिक्षण के दौरान वे आगरा में तैनात रहे. इसके बाद आजमगढ़ और प्रयागराज में एएसपी के रूप में सेवाएं दीं.2011 में उन्हें पहली बार जिले की कमान मिली और वे हमीरपुर के पुलिस अधीक्षक बने. इसके बाद मऊ और फतेहगढ़ जैसे जिलों में भी एसपी रहे.
वाराणसी, इलाहाबाद और अयोध्या में अहम भूमिका
2014 से 2015 तक जोगिंदर कुमार वाराणसी के एसएसपी रहे. 2016 में उन्हें इलाहाबाद (अब प्रयागराज) का एसएसपी बनाया गया. इसके बाद बरेली, यूपी एटीएस और अयोध्या जैसे महत्वपूर्ण स्थानों पर भी वरिष्ठ पदों पर तैनाती रही.
DIG से IG पद तक का सफर
2020 में वह गोरखपुर के ससपी बने बाद डीआईजी पद पर पदोन्नत हुए करीब ढाई साल तक झांसी में DIG पद पर रहे ।
