Gold Silver Rate Today 24 March 2026: सोने-चांदी के बाजार में आज बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। 24 मार्च को कीमतों में तेज गिरावट ने निवेशकों और आम खरीदारों दोनों को चौंका दिया। एक तरफ जहां सोना हजारों रुपये सस्ता हुआ, वहीं चांदी में भी जबरदस्त गिरावट दर्ज की गई। वैश्विक बाजार के दबाव और पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव का सीधा असर सोने में बड़ी गिरावट क्यों? (Gold Price Crash Reason)
इससे एक दिन पहले 23 मार्च को सर्राफा बाजार में सोने-चांदी के दाम में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के आंकड़ों के मुताबिक, 24 कैरेट सोना 12,077 रुपये गिरकर 1.35 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर खुला। हालांकि दिन के अंत तक थोड़ी रिकवरी जरूर हुई, लेकिन फिर भी कीमत करीब 7,649 रुपये नीचे रहकर लगभग 1.40 लाख रुपये पर बंद हुई।अब भारत के सर्राफा बाजार पर दिखने लगा है।इससे पहले सोना 1.47 लाख रुपये के आसपास कारोबार कर रहा था। अगर पिछले कुछ दिनों का ट्रेंड देखें तो ईरान से जुड़े भू-राजनीतिक तनाव के बीच सोना करीब 24 दिनों में लगभग 20 हजार रुपये तक सस्ता हो चुका है।
चांदी में भी जबरदस्त गिरावट (Silver Price Crash)
चांदी की बात करें तो इसमें भी जबरदस्त उतार-चढ़ाव देखने को मिला। सुबह चांदी करीब 30,864 रुपये टूटकर 2.01 लाख रुपये प्रति किलो पर खुली, लेकिन बाद में इसमें कुछ सुधार आया। इसके बावजूद दिन खत्म होते-होते चांदी करीब 13,104 रुपये की गिरावट के साथ 2.19 लाख रुपये प्रति किलो पर बंद हुई। इससे पहले शुक्रवार को इसका भाव 2.32 लाख रुपये प्रति किलो था।
Silver Rate In India 21 March 2026: चांदी का क्या है हाल (Chandi ka aaj ka Bhav)
सोने के साथ-साथ चांदी के भाव में भी उतार-चढ़ाव जारी है। 21 मार्च को चांदी की कीमत करीब 2,54,900 रुपये प्रति किलोग्राम के आसपास रही। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी चांदी के दाम में हलचल बनी हुई है, जिससे घरेलू बाजार प्रभावित हो रहा है।
सोने-चांदी के दाम कैसे तय होते हैं (How Gold and Silver Prices Are Determined)
देश में सोने और चांदी की कीमतें कई वैश्विक और घरेलू कारकों पर निर्भर करती हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमत, डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति, कच्चे तेल के दाम, ब्याज दरों में बदलाव और केंद्रीय बैंकों की नीतियां प्रमुख भूमिका निभाती हैं। इसके अलावा आयात शुल्क, टैक्स और स्थानीय मांग भी कीमतों को प्रभावित करते हैं। जब वैश्विक अनिश्चितता बढ़ती है तो निवेशक सोने को सुरक्षित विकल्प मानते हैं, जिससे कीमतों में तेजी आती है, जबकि स्थिरता के समय दाम अक्सर गिर जाते हैं।
