चांदी एक झटके में ₹14,300 हुई सस्ती, सोना भी ₹2500 प्रति 10 ग्राम आया नीचे, नोट करें ताजा भाव

चांदी एक झटके में ₹14,300 हुई सस्ती, सोना भी ₹2500 प्रति 10 ग्राम आया नीचे, नोट करें ताजा भाव

सुरक्षित संपत्ति की मांग कमजोर होने के चलते सोना और चांदी रिकॉर्ड हाई लेवल से नीचे आए। निवेशकों ने मुनाफा बुक किया। जानकार मानते हैं कि आगामी बजट में आयात शुल्क बढ़ने की संभावना से घरेलू कीमतों को सपोर्ट मिल सकता है।

राष्ट्रीय राजधानी में गुरुवार को सोने और चांदी की कीमतें रिकॉर्ड स्तर से नीचे आ गईं, क्योंकि निवेशकों ने मुनाफा लिया और सुरक्षित संपत्ति की मांग कमजोर हुई। यह जानकारी ऑल इंडिया सराफा एसोसिएशन ने दी। सोना (99.9% शुद्धता) 10 ग्राम के लिए 1,57,200 रुपये पर बंद हुआ, जो पिछले सत्र में 1,59,700 रुपये के रिकॉर्ड स्तर से 2,500 रुपये या 1.56% कम है। चांदी ने अपनी नौ दिन की अभूतपूर्व तेजी को तोड़ते हुए 1 किलोग्राम के लिए 3,20,000 रुपये पर बंद किया, जो पिछले बंद 3,34,300 रुपये से 14,300 रुपये या 4.3% की गिरावट है।

वैश्विक बाजार की स्थिति

सोना अमेरिकी बाजार में 0.18% गिरकर 4,822.65 डॉलर प्रति औंस पर पहुंचा। चांदी 0.27% बढ़कर USD 93.36 प्रति औंस पर रही, जबकि मंगलवार को यह रिकॉर्ड 95.89 डॉलर तक पहुंच गई थी। प्रवीण सिंह, Mirae Asset Sharekhan का कहना है कि ग्लोबल बॉन्ड यील्ड में नरमी से सोने पर दबाव बना। हालांकि भू-राजनीतिक तनाव कम होने से सोने को समर्थन मिलेगा। आगामी बजट में आयात शुल्क बढ़ने की संभावना भी घरेलू कीमतों को सहारा दे सकती है।

विशेषज्ञों की राय

सौमिल गांधी, सीनियर एनालिस्ट, HDFC सिक्योरिटीज कहते हैं कि सोना और चांदी रिकॉर्ड उच्च स्तर से नीचे आए क्योंकि सुरक्षित संपत्ति की मांग कमजोर हुई और निवेशकों ने मुनाफा बुक किया। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा यूरोपीय देशों पर टैरिफ की धमकी वापस लेने और ग्रीनलैंड समझौते के फ्रेमवर्क की घोषणा से बाजार में जोखिम लेने की प्रवृत्ति बढ़ी। जतीन त्रिवेदी, VP रिसर्च एनालिस्ट, LKP सिक्योरिटीज, अमेरिकी-भारत व्यापार समझौते की उम्मीदों के बावजूद, घरेलू बाजार में भू-राजनीतिक जोखिम में कमी के कारण निवेशकों ने आंशिक मुनाफा बुक किया।

वैश्विक बाजार की स्थिति

सोना अमेरिकी बाजार में 0.18% गिरकर 4,822.65 डॉलर प्रति औंस पर पहुंचा। चांदी 0.27% बढ़कर USD 93.36 प्रति औंस पर रही, जबकि मंगलवार को यह रिकॉर्ड 95.89 डॉलर तक पहुंच गई थी। प्रवीण सिंह, Mirae Asset Sharekhan का कहना है कि ग्लोबल बॉन्ड यील्ड में नरमी से सोने पर दबाव बना। हालांकि भू-राजनीतिक तनाव कम होने से सोने को समर्थन मिलेगा। आगामी बजट में आयात शुल्क बढ़ने की संभावना भी घरेलू कीमतों को सहारा दे सकती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *